‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई’, राहुल गांधी के घर INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन; खड़गे, तेजस्वी और सुप्रिया सुले ने भरी हुंकार

राहुल गांधी ने प्रदर्शन स्थल के रूप में जंतर-मंतर को सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए स्पष्ट किया कि इससे विपक्ष और आंदोलन से जुड़े संगठनों का संघर्ष समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम रुकने वाली नहीं है। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, छह महीने बाद या एक साल बाद भी संघर्ष जारी रहेगा। उनके इस बयान को विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने के स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि जिस तरह लोगों को एकजुट किया गया है, उसी तरह आगे भी सभी मिलकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।

Oct 13, 2026 - 18:08
‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई’, राहुल गांधी के घर INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन; खड़गे, तेजस्वी और सुप्रिया सुले ने भरी हुंकार

नई दिल्ली: देश में लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर आयोजित चाय बैठक में विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए लोकतंत्र की रक्षा और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक के बाद नेताओं के बयानों से साफ संकेत मिला कि विपक्ष इस मुद्दे को केवल संसद तक सीमित रखने के बजाय जनता के बीच भी ले जाने की तैयारी में है।

इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, RJD नेता तेजस्वी यादव और मनोज झा, JMM की महुआ माजी, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, आनंद भदौरिया और मोहिबुल्लाह नदवी, CPI-M के एम.ए. बेबी, CPI के डी. राजा और पी. संतोष कुमार, CPI-ML के दीपांकर भट्टाचार्य, TMC सांसद महुआ मोइत्रा, NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले और AISA की प्रमुख नेहा बोरा सहित कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, शशि थरूर और पवन खेड़ा भी मौजूद रहे।

राहुल गांधी का ऐलान—आज नहीं तो कल, संघर्ष नहीं रुकेगा

बैठक के बाद राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता को लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई का आधार बताते हुए कहा कि सभी नेता और संगठन एक साझा उद्देश्य के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी यहां एक होकर खड़े हैं। हमारे प्रदर्शन का एक मिशन है—लोकतंत्र को बचाना। हम एकजुट होकर लड़ रहे हैं। हम लोकतंत्र को दोबारा लाएंगे।”

राहुल गांधी ने प्रदर्शन स्थल के रूप में जंतर-मंतर को सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए स्पष्ट किया कि इससे विपक्ष और आंदोलन से जुड़े संगठनों का संघर्ष समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम रुकने वाली नहीं है। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, छह महीने बाद या एक साल बाद भी संघर्ष जारी रहेगा।

उनके इस बयान को विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने के स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि जिस तरह लोगों को एकजुट किया गया है, उसी तरह आगे भी सभी मिलकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।

खड़गे बोले—‘वोट चोरी’ के आरोपों का पर्दाफाश करने को तैयार जनता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक और पिछले चार दिनों की राजनीतिक गतिविधियों को INDIA गठबंधन की पहल की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ उठाया है।

खड़गे के मुताबिक, दिल्ली में युवाओं और नागरिकों का अपनी पहल पर बड़ी संख्या में एकजुट होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि अब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब मांगने के लिए तैयार हैं।

खड़गे के बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में बनाए रखना चाहती है। पार्टी का प्रयास है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को व्यापक जनसमर्थन मिले।

तेजस्वी यादव का तीखा हमला—‘लोकतंत्र बचाने के लिए हर कुर्बानी देंगे’

RJD नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जा रही है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल बेहद गंभीर हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के अपने संकल्प पर एकजुट है और इसके लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक विरासत की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर ED, CBI और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोप भी लगाए। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि आयोग ने निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े फैसले और प्रदर्शन स्थल में बदलाव विपक्ष के संघर्ष को रोक नहीं पाएंगे।

तेजस्वी ने दावा किया कि वोटों की कथित चोरी और चुनावी अनियमितताओं को लेकर जनता जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस लड़ाई को जारी रखेगा और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा।

सुप्रिया सुले बोलीं—संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलन

NCP-SCP की सांसद सुप्रिया सुले ने भी INDIA गठबंधन की एकजुटता दोहराते हुए कहा कि संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से भारतीय नागरिकों को जो अधिकार दिए हैं, उनकी सुरक्षा लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।

सुले ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में इन अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि अन्याय और दमन के खिलाफ विपक्ष पूरी ताकत से एकजुट है और आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी जारी रहेगा।

उनके बयान ने विपक्ष की उस रणनीति को रेखांकित किया, जिसके तहत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को संविधान, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के व्यापक मुद्दे से जोड़कर उठाया जा रहा है।

जंतर-मंतर विवाद के बीच विपक्ष का संदेश—संघर्ष दिल्ली से देशभर तक पहुंचेगा

राहुल गांधी के आवास पर हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया, कथित वोट चोरी और प्रदर्शन की अनुमति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। बैठक में छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस राजनीतिक अभियान को व्यापक सामाजिक भागीदारी से जोड़ने का संकेत दिया।

बैठक से निकला साझा संदेश यह रहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने अपने बयानों में लोकतंत्र, संविधान, निष्पक्ष चुनाव और नागरिक अधिकारों को प्रमुखता दी।

हालांकि, ‘वोट चोरी’, संस्थाओं के दुरुपयोग और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप विपक्षी नेताओं के दावे हैं; इनका उल्लेख आरोपों के रूप में ही किया जाना चाहिए। इसके बावजूद, मंगलवार की बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

कुल मिलाकर, राहुल गांधी के आवास पर हुई यह बैठक केवल चाय पर मुलाकात नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन थी। विपक्ष ने साफ संदेश दिया है कि वह चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

 

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